Bappi Lahiri Passes Away : नहीं रहे बप्पी Daa, 69 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

मुंबई: मशहूर संगीतकार और गायक बप्पी लहिरी का निधन हो गया है। 69 साल की उम्र में उन्होने मुंबई के क्रिटी केयर अस्पताल में रात करीब 11 बजे आखिरी सांस ली।

बता दें कि बप्पी लहिरी का असली नाम अलोकेश लहिरी था जिनका जन्म 27 नवंबर 1952 को जलपाईगुड़ी पश्चिम बंगाल में हुआ था। उन्होने 3 साल की उम्र में तबला बजाना शुरू किया और फिर बंगाली फिल्म दादू (1972) से अपने कैरियर की शुरुआत की।

बप्पी लहरी ने अपना पहली संगीत, हिंदी फिल्म नन्हा शिकारी (1973) में दिया था। वहीं ताहिर हुसैन की हिंदी फिल्म जख्मी (1975) ने उनको एक अलग पहचान दिलाई। हालांकि 80 के दशक में बॉलीवुड को उन्होने कई यादगार गाने जबकि बप्पी लहिरी ने ही ऐसे थे जिन्होने बॉलीवुड को ‘डिस्को डांस’ से इंट्रोड्यूस कराया था।

बता दें बप्‍पी लाहिरी का जन्‍म 27 नवंबर 1952 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हुआ था. आखिरी बार स्क्रीन पर उन्हें सलमान खान के साथ रियलिटी शो Bigg Boss 15 पर देखा गया, जहां वो अपने पोते स्वास्तिक के नए गाने ‘बच्चा पार्टी’ का प्रमोशन करने पहुंचे थे.

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बप्पी लहिरी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वो एक बेजोड़ गायक-संगीतकार थे. उनके गीतों को न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी लोकप्रियता मिली. उनके यादगार गीत लंबे समय तक लोगों को खुश करते रहेंगे. उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं.

डॉक्टर ने बताया कि ’18 दिन आईसीयू में रहने के बाद जब सब पैरामीटर नॉर्मल हो गए तब सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया गया था. लेकिन मंगलवार को उनकी तबीयत फिर से खराब हो गई. उन्हें अस्पताल लाया गया लेकिन रात 11 बजे के करीब उनका निधन हो गया.’ डॉक्टर ने बताया कि बप्पी दा को कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं. मंगलवार की रात को उनका निधन OSA (obstructive sleep apnea) से हो गया.

वह पिछले साल कोरोना से भी संक्रमित हो गए थे. तब उन्हें जुहू के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वो कुछ दिनों में कोरोना से रिकवर हो गए थे.

बप्पी लाहिरी ने बॉलीवुड को कई हिट गाने दिए. उन्हें भारत में डिस्को बीट्स और पॉप म्यूजिक की शुरुआत करने वाला माना जाता है. आई एम अ डिस्को डांसर, यार बिना चैन कहां रे, तम्मा- तम्मा जैसे गाने उनके मशहूर गाने हैं.

सोने की मोटी चेन और चश्मा पहनने के लिए पहचाने जाने वाले गायक-संगीतकार ने 70-80 के दशक में कई फिल्मों में गाने गाए जो काफी हिट रहे. इन फिल्मों में ‘चलते-चलते’, ‘डिस्को डांसर’ और ‘शराबी’ शामिल हैं। उनका आखिरी बॉलीवुड गीत 2020 में आयी फिल्म ‘बागी 3′ के लिए ‘भंकस’ था.

बप्पी दा का आज नहीं होगा अंतिम संस्कार

सूत्रों के मुताबिक, बप्पी लहिरी का आज अंतिम संस्कार नहीं होगा. बप्पी दा के बेटे अमेरिका में हैं जिनके आने का इंतजार किया जाएगा. बताया जा रहा है उनके बेटे देर रात 2 बजे तक मुंबई आ जाएंगे. जिसके बाद कल पवनहंस के पास हिन्दू शमशान भूमि पर बप्पी लहिरी का अंतिम संस्कार होगा. बता दें, बप्पी लहरी कोरोना से संक्रमित हुए थे जिसके बाद उनकी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ गई थी.

BJP नेता बिप्लब देब ने उनके निधन पर शोक जताया. देब ने कू पोस्ट के जरिए कहा कि ‘उन्होंने भारत का परिचय डिस्को से कराया और भारतीय संगीत में क्रांति लाए. उनका संगीत हमेशा हमारे दिलों में रहेगा.’

संगीत की दुनिया के लिए बड़ी क्षति- वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बप्पी लहिरी के निधन को संगीत की दुनिया के लिए बड़ी क्षति बताया है. उन्होंने कहा कि उनके निधन से बहुत दुख हुआ. परिवार के सदस्यों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं.

बप्पी लहिरी के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया शोक

बप्पी लहिरी के निधन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शोक जताते हुए कहा, “सुप्रसिद्ध संगीतकार बप्पी लहिरी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. उन्होंने अनेक गीतों को अपने धुनों से सजाया. वे संगीत की बारीक और गहरी समझ रखते थे. बप्पीदा सामाजिक सरोकारों के प्रति भी हमेशा जागरूक रहे. दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं. ॐ शांति!

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की वजह से हुआ बप्पी लहिरी का निधन- अस्पताल सूत्र

अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बप्पी लहिरी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे जिस कारण बीती रात उनका निधन हो गया है. करीब एक महीने से अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार देखते हुए बीते सोमवार उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी लेकिन मंगलवार को तबीयत बिगड़ने के बाद एक बार फिर उन्हें भर्ती कराया गया जहां उन्होंने ओएसए (ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया) की वजह से दम तोड़ दिया.

Bappi Lahiri Death: बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और संगीतकार बप्‍पी लहिरी (Bappi Lahiri) का निधन हो गया है. बप्पी ने मुंबई (Mumbai) के क्रिटी केयर अस्पताल में आखिरी सांस ली है. बप्पी लहरी की उम्र 69 साल थी. बताया जा रहा है कि बप्पी लहरी का निधन रात करीब 11 बजे हुआ. बप्पी लहिरी पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज क्रिटी केयर अस्पताल में चल रहा था. पिछले साल बप्पी दा को कोरोना वायरस भी हुआ था.

बेहद पसंद था सोने के गहने पहनना

बप्पी लहिरी को सोना पहनना और हमेशा चश्मा लगाकर रखना बेहद पसंद था. गले में सोने की मोटी-मोटी चेन और हाथ में बड़ी-बड़ी अंगूठियां समेत सोने के ढेर सारे गहने पहनना उनकी पहचान थी. बप्पी लहिरी को बॉलीवुड का पहला रॉक स्टार सिंगर भी कहा जाता है. बप्पी दा का जन्म 17 नवंबर 1952 को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में हुआ था. बप्पी लहिरी के दो संतान हैं.

लाहिरी जी के निधन के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं- अशोक पंडित

बप्पी लहिरी के निधन पर फिल्म मेकर अशोक पंडित ने ट्वीट किया है, ”रॉकस्टार बप्पी लाहिरी जी के निधन के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं. विश्वास नहीं हो रहा है कि मेरा पड़ोसी अब नहीं रहा. आपका संगीत हमेशा हमारे दिलों में रहेगा.”

संगीत जगत को एक के बाद एक बड़े झटके

बता दें कि इस महीने संगीत जगत को एक के बाद एक बड़े झटके लगे हैं. बप्पी लहिरी से पहले स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का 6 फरवरी को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था.

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