सत्याग्रह से किये गए आंदोलन से संविधान की जीत हुई है–डॉ० सुरहिता करीम,चिकित्सक व कांग्रेस नेत्री

कृषि प्रधान देश भारत के किसानों के ऊपर , पिछले साल मोदी सरकार ने वगैर किसी मांग के, सारे हितकारक पक्षों से बात किये वगैर, एक अध्यादेश के माध्यम से, तीनो कृषि कानूनों को लागू किया था।

जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्रों के ऊपर, पूँजीपति मित्रों को कब्जा दिलाना था, लेकिन देश के सारे किसानों ने, किसान संघटनो ने प्रचंड साहस दिखाते हुए एक लम्बी लड़ाई लड़ी ।

एवं पूरी कांग्रेस पार्टी अपने नेता श्री राहुल गाँधी एवं श्रीमती प्रियंका गाँधी जीके नेतृत्व में किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रहीं। अंततः इस अहंकारी सरकार ने अपनी गलती मानते हुए इन कानूनों को वापस लिया। परतु यह फैसला उन 703 किसानों के लिए काफी नहीं है जिन्होंने इस आंदोलन में जान गवाई है।उन परिवारों को, इनकी शहादत का मुआवज़ा मिले।

सत्याग्रह से किये गए आंदोलन से संविधान की जीत हुई है–डॉ० सुरहिता करीम,चिकित्सक व कांग्रेस नेत्री।

गोरखपुर।आज प्रकाश पर्व के शुभ दिन पर देश के किसानों के लम्बे , जीवन एवं सशक्त आंदोलन के सामने अहंकारी मोदी सरकार ने चुनाव को देखते हुए घुटने टेके है। प्रधान मंत्री ने देश को सम्बोधित करते हुए अपने इस हार को स्वीकार करते हुए तीनो काले कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है।

इन आंदोलन की जीत से गाँधी वादी की विचारों की जीत हुई है, राहुल गांधी जी के इस अडिग बिश्वास की जीत हुई है कि “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए” यह सत्य की जीत है।
भवदीय

-डॉ० सुरहिता करीम,चिक्तिसक व कांग्रेस नेत्री।

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