इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन को झुकना पड़ा! 22 अप्रैल से होने वाली परीक्षा की नोटिस को निरस्त कर दिया

ऑनलाइन परीक्षा की मांग लेकर छात्रों का प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों से बातचीत पर सहमति बनी तो छात्रों ने तीसरे दिन धरना स्थगित कर दिया।

मामले के निस्तारण के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी सोमवार को छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करेगी, फिर कुछ फैसला लेगी। इविवि में ऑफलाइन परीक्षा का ऐलान होते ही छात्र आक्रोशित हो उठे थे। गुरुवार से परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव कर मुख्यद्वार पर ताला बंदी कर दी।

इसके बाद शाम को परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर धरना दे रहे थे। शनिवार सुबह से छात्र परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर धरना दे रहे थे। दोपहर तकरीबन 12 बजे कुलपति कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी करने लगे।

इस दौरान परिसर में काफी संख्या में पुलिस भी मौजूद रही। इविवि प्रशासन ने छात्रों को आश्वासन दिया कि मामले के निस्तारण के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी सोमवार को दो बजे विज्ञान संकाय के डीन कार्यालय में पांच सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर शिकायत सुनेगी।

छात्रों ने इविवि प्रशासन के इस निर्णय को माना और एक दिन के लिए आंदोलन स्थगित किया। छात्रों ने मांग की कि जब तक ऑनलाइन व असाइनमेंट के आधार पर परीक्षा कराने का निर्णय नहीं लेगा .

आंदोलन को पूर्णरूप से खत्म नहीं करेंगे। अभिषेक द्विवेदी, सुनील केशरवानी, नवनीत यादव, हरिओम यादव, सत्यम कुशवाहा, मसूद अंसारी, सुनील केसरवानी, मनजीत पटेल समेत अन्य छात्र मौजूद रहे।

उच्चस्तरीय समिति की हुई पहली बैठक पीआरओ डॉ. जया कपूर की सूचना के अनुसार ऑफलाइन परीक्षाओं को लेकर कुछ छात्रों के आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए कुलपति ने समस्या की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है।

समिति की पहली बैठक शनिवार को हुई है। इसमें तात्कालिक चल रहे ऑफ़लाइन शिक्षण और प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रम के सभी पहलुओं का विश्लेषण किया गया। समिति ने सोमवार को दोपहर दो बजे विज्ञान संकाय के डीन के कार्यालय में आंदोलनकारी छात्रों के पांच प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी शिकायत सुनने का निर्णय लिया है।

पांच घंटे तक चले घेराव के बाद शाम को आश्वासन मिला कि सोमवार तक इस मसले पर कुलपति की ओर से गठित कमेटी के सदस्य पांच छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता करेंगे और कोई न कोई सकारात्मक हल निकाल लिया जाएगा, जिसके बाद छात्रों ने एक दिन के लिए आंदोलन स्थगित कर दिया।

सोमवार को दोपहर 12 छात्र एक बार फिर कुलपति कार्यालय के बाहर इकट्ठा होंगे।इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में ऑनलाइन परीक्षाएं कराए जाने की मांग को लेकर तीसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा।

छात्रों ने शनिवार को कुलपति कार्यालय का घेराव किया।पांच घंटे तक चले घेराव के बाद शाम को आश्वासन मिला कि सोमवार तक इस मसले पर कुलपति की ओर से गठित कमेटी के सदस्य पांच छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता करेंगे और कोई न कोई सकारात्मक हल निकाल लिया जाएगा, जिसके बाद छात्रों ने एक दिन के लिए आंदोलन स्थगित कर दिया।

सोमवार को दोपहर 12 छात्र एक बार फिर कुलपति कार्यालय के बाहर इकट्ठा होंगे।हालांकि, इविवि प्रशासन की ओर से निर्णय लिया जा चुका है कि अप्रैल में स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष और मई में परास्नातक सम सेमेस्टर की ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

विश्वविद्यालय में महीनों बाद ऑफलाइन कक्षाओं का भी नियमित संचालन शुरू किया जा चुका है। वहीं, छात्र मांग कर रहे हैं कि जब पूरे साल ऑनलाइन मोड में कक्षाओं का संचालन किया गया तो परीक्षाएं भी ऑनलाइन मोड में ही आयोजित की जानी चाहिए।

इसी मुद्दे पर इविवि प्रशासन और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।ऑनलाइन परीक्षाओं की मांग को लेकर छात्र लगातार तीन दिनों से विश्वविद्यालय परिसर में धरना दे रहे हैं।

शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास विश्वविद्यालय परिसर के मेन गेट पर धरने पर बैठे छात्र कुलपति कार्यालय के सामने पहुंच गए और वहां धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।प्रदर्शन के चलते कैंपस में फोर्स तैनातइस दौरान धरना स्थल पर बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई।

शाम पांच बजे के आसपास छात्रों के बीच पहुंचे चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार एवं रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने छात्रों को बताया कि परीक्षाओं के मुद्दे पर जारी आंदोलन को गंभीरता से लेते हुए कुलपति ने मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

शनिवार को उच्च स्तरीय कमेटी की पहली बैठक हुई है। इस बैठक में ऑफलाइन शिक्षण और प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्त्रस्म के सभी पहलुओं का विश्लेषण किया गया।

कमेटी ने 21 फरवरी को दोपहर दे बजे विज्ञान संकाय के डीन के कार्यालय में आंदोलनकारी छात्रों के पांच प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी शिकायत सुनने का निर्णय लिया है।

इस आश्वासन के बाद छात्रों ने एक दिन के लिए आंदोलन स्थगित करने और सोमवार को कुलपति कार्यालय के बाहर फिर से इकट्ठा होने का निर्णय लिया।

इस मौके पर छात्र नेता सुनील केसरवानी, नवनीत यादव, अभिषेक द्विवेदी, हरिओम यादव, सत्यम कुशवाहा, मसूद अंसारी, मनजीट पटेल आदि मौजूद रहे।

आज तय होंगे वार्ता में शामिल होने वाले छात्रों के नामकुलपति की ओर से गठित कमेटी के सदस्य सोमवार को पांच छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता करने जा रहे हैं।

इसके लिए रविवार को पांच छात्रों के नाम तय किए जाएंगे। आंदोलनकारी छात्र अपने बीच से ही किन्हीं पांच छात्रों को वार्ता के लिए नामित करेंगे।

छात्रों के संघर्ष के सामने इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन को आखिरकार झुकना पड़ा!

लड़ेंगे! जीतेंगे!!

ऑफलाइन परीक्षा के खिलाफ़ और ऑनलाइन परीक्षा की माँग को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जारी छात्रों के आन्दोलन के आगे अड़ियल प्रशासन को घुटने टेकने पड़े। 22 अप्रैल से होने वाली परीक्षा की नोटिस को निरस्त कर दिया गया है और सोमवार को 5 सदस्यीय छात्रों की कमेटी को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित हाई पावर कमेटी से बातचीत का न्यौता मिला है। इस बातचीत के बाद परीक्षा कमेटी पुनः मीटिंग कर नए सिरे से परीक्षा कार्यक्रम और माध्यम तय करेगी। इस समझौते के बाद आज आन्दोलन इस शर्त पर वापस ले लिया गया है कि अगर हमारी माँगे नहीं मानी गई तो सोमवार से दुबारा आन्दोलन शुरू किया जायेगा।

Disha Student Organisation

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